देहरादून के आशारोड़ी में रविवार को युवाओं की टोली ने सड़क पर उतर कर जंगल बचाव के नारे लगाए, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर 11000 से ज्यादा पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ युवाओं ने सरकार को संदेश देने की कोशिश की। दरअसल दिल्ली और देहरादून के सफर को कम समय में पूरा किया जा सके इसके लिए कई जगहों पर 4 लेन मार्ग बनाये जा रहे है, आशारोड़ी के आसपास भी फोर लेन का काम तेजी से चलाया जा रहा है। यह अब तक सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं जबकि अभी सैकड़ों की संख्या में पेड़ों को काटा जाना बाकी है। इस जगह पर जो पेड़ काटे जा रहे हैं वह साल के हैं और सालों साल पुराने इन पेड़ों के कटने से इसका पर्यावरण पर भी सीधा असर होगा। यही नहीं वन्यजीवों के लिहाज से भी यह क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है यह हाथियों की मौजूदगी देखी गई है, इसके अलावा हिरण भी यहां पर देखे जाते रहे उधर कई तरह के जीव भी इस जंगल में मौजूद हो। इस जंगल के कटने से उन पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।
हालांकि कई संगठन और पर्यावरण प्रेमी इस परियोजना के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं और जंगलों को काटे जाने के खिलाफ अपनी आवाज को हर दिन नई बुलंदी दे रहे हैं।