त्यूणी अस्पताल 15 नवंबर तक होगा शुरू, मोबाइल नेटवर्क से वंचित इलाकों का होगा सर्वे

प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज के संचालन की जिम्मेदारी अब स्वयं सहायता समूहों को भी सौंपी जा सकती है। सरकार इसके लिए बेहतर काम कर रहे स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में काम करेगी। साथ ही प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क से वंचित इलाकों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए।

कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए मुख्य सचिव ने इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा काम कर रहे समूहों को कोल्ड स्टोरेज संचालन के लिए जरूरी तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए। इससे इन इकाइयों का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रदेश में वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से कोल्ड स्टोरेज की उपलब्धता का आकलन कर नए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की बनेगी सूची
प्रदेश में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या दूर करने के लिए अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क शैडो एरिया चिह्नित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कर उनकी सूची जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। राजमार्गों के मामले में यह भी स्पष्ट करना होगा कि किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग से भी इस संबंध में जानकारी जुटाने को कहा गया है। इसके आधार पर नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
15 नवंबर तक शुरू होगा त्यूणी उप जिला अस्पताल
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्य सचिव ने देहरादून जिले के त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक हर हाल में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल शुरू करने के लिए चिकित्सकों की तैनाती, जरूरी मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरण और अन्य आधारभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। इससे त्यूणी और आसपास के क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
स्कूलों की सफाई के लिए बढ़ सकता है अनटाइड फंड
सरकारी विद्यालयों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी मुख्य सचिव ने जोर दिया। उन्होंने स्कूलों के शौचालयों और पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रधानाचार्यों को मिलने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार बढ़ोतरी की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि विद्यालय अपने स्तर पर सफाई और रखरखाव की व्यवस्था कर सकें। इसके अलावा जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण के काम प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए।
प्रस्ताव भेजने से पहले करना होगा लागत-लाभ विश्लेषण
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी जरूरत, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन को कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले उसका कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस यानी लागत-लाभ विश्लेषण अनिवार्य रूप से किया जाए। इससे योजनाओं पर होने वाले खर्च और उनसे मिलने वाले वास्तविक लाभ का आकलन किया जा सकेगा।