वंचित समुदायों के बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा और रचनात्मक सोच को मंच देते हुए आसरा ट्रस्ट ने देहरादून में 5वां वार्षिक ‘ज्ञान मंथन मेला’ उत्साहपूर्वक आयोजित किया। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित उत्सव 20 दिसंबर को सनातन धर्म इंटर कॉलेज, बन्नू, रेसकोर्स में संपन्न हुआ, जिसमें बच्चों के नवाचार, प्रयोग और वैज्ञानिक मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
यह मेला आसरा के संस्थापक ट्रस्टी स्व. अर्जन डेविड ब्रिजनाथ की स्मृति में हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देना और उन्हें गणित व विज्ञान की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर देना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन अवसर पर संयुक्त निदेशक एससीईआरटी उत्तराखंड कृष्णानंद बिजलवान और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। विशेष अतिथि के रूप में शरण ब्रिजनाथ और गौरी खन्ना ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। वहीं आसरा बोर्ड से शैला ब्रिजनाथ, नीलू खन्ना और अदिति पी. कौर भी उपस्थित रहीं।
ज्ञान मंथन मेला आसरा के शैक्षिक केंद्रों के विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत प्रयोगशाला जैसा रहा, जहां बच्चों ने कक्षा में सीखे गए ज्ञान को मॉडल, प्रयोग और नवाचारी परियोजनाओं के रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों द्वारा बनाए गए विज्ञान आधारित मॉडल और लाइव प्रयोगों ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।
यह आयोजन आसरा की टिंकरिंग लैब पहल का विस्तार भी है, जिसका उद्देश्य बच्चों को हाथों-हाथ सीखने, प्रयोग करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराकर बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित की जा रही है।
इस वर्ष ज्ञान मंथन मेले में उत्तराखंड के तीन जिलों में संचालित आसरा केंद्रों से आई 35 से अधिक नवाचारी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया, जिसमें 200 से अधिक बच्चों ने सक्रिय सहभागिता की।
वर्ष 2009 में स्थापित आसरा ट्रस्ट एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो उत्तराखंड के वंचित बच्चों और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है। उत्तराखंड सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोग से आसरा शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, आश्रय और कौशल विकास से जुड़ी अनेक परियोजनाएं संचालित कर रहा है। पिछले 16 वर्षों में आसरा ने राज्य के तीन जिलों में 80 से अधिक सतत परियोजनाओं के माध्यम से 28,600 से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
















