नाराज ग्रामीणों ने रोका विधायक का काफिला-महिला विधायक नही जुटा पाई गाड़ी से उतरने की हिम्मत-देखें वीडियो

चुनाव के दौरान दर-दर जाकर हाथ जोड़ते हुए जनता का आशीर्वाद लेने वाले विधायक कैसे जीतने के बाद जनता से दूरियां बना लेते हैं, इसका ताजा उदाहरण यमकेश्वर विधानसभा से आया है, यहां अपनी मांगों को लेकर आंदोलित ग्रामवासियों ने महिला विधायक का काफिला रोक लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी भाजपा विधायक ऋतु खंडूरी की गाड़ी को रोका गया तो लोग उनके खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने लगे.. लेकिन हद तो तब हो गई जब भाजपा विधायक रितु खंडूरी गाड़ी से उतरने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाई। जिस जनता से 2017 में घर-घर जाकर वोट मांगे थे उस जनता के पास जाकर उनकी मांगों को लेकर अपनी बात रखने में भी विधायक घबराती दिखी। यूं तो कोविड-19 है और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है लेकिन यदि चाहती तो महिला विधायक इसका पालन करते हुए गाड़ी से उतरकर लोगों को समझा सकती थी।

घटनाक्रम के अनुसार आज गैंडखाल में अटल आदर्श विद्यालय का नाम दोबारा जोडे जाने को लेकर विधायक रितु खण्डूरी का काफिला रोक कर 1 घंटे तक घेराव किया गया। गैंडखाल का नाम हेतु पुनः संस्तुति किये जाने व गैंडखाल को ही अटल आदर्श विद्यालय बनाये जाने के मौखिक आश्वासन व 02 दिनों के भीतर इस सम्बन्ध में लिखित में पत्र दिये जाने के आश्वासन दिये जाने के बाद ही घेराव समाप्त किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा कहा गया कि पत्र से पूर्णतः संतुष्ट होने व चयन सूची में नाम जोडे जाने के बाद ही धरना प्रदर्शन व क्रमिक अनशन को समाप्त किया जायेगा अन्यथा आन्दोलन को और उग्र करते हुये चक्का जाम व आणरण अनशन किया जायेगा। इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप रावत सहित अनूप चौहान, विकास चौहान, प्रेम चौहान, शीशपाल सिंह, अभिभावक संघ के अध्यक्ष चन्द्र सिंह, रूप सिंह, विनोद कुमार, रविन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सम्पूर्ण सिंह, मनमोहन नेगी, भारत बिष्ट, रोशन लाल, कविता देवी, शंकुतला देवी, सरस्वती देवी, मंगला देवी, विमला देवी, बिंदेश्वरी देवी, उर्मिला देवी आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

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